iQOO 15R की BGMI गेमिंग परफॉर्मेंस, iQOO Z1 Turbo टेस्ट और इंडिया में संभावित कीमत

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iQOO 15R BGMI Gaming Performance

Snapdragon 85 वाला फोन कागज पर बहुत खतरनाक लगता है, लेकिन ये फोन शायद वैसी “तबाही” नहीं मचाएगा, जैसा कुछ लोग सोच रहे हैं। वजह सीधी है, अभी के टेस्ट में iQOO 15R BGMI gaming performance के लिए 60fps की लिमिट दिखी। फिर भी, असल कहानी यहीं खत्म नहीं होती, क्योंकि परफॉर्मेंस, थर्मल और बैटरी साइज जैसी चीजें इसे एक मजबूत गेमिंग फोन की तरफ धकेलती हैं।

Gaming के टेस्ट में जो डिवाइस चला, वो iQOO Z1 Turbo है, और काफी हद तक संकेत हैं कि यही मॉडल इंडिया में iQOO 15R के नाम से आ सकता है (फाइनल कन्फर्मेशन नहीं)। इसी टेस्ट के बेस पर iQOO 15R gaming performance को लेकर एक साफ तस्वीर बनती है, खासकर BGMI खेलने वालों के लिए।

iQOO 15R BGMI gaming performance

iQOO Z1 Turbo से iQOO 15R बनने की चर्चा, और ऐसा क्यों माना जा रहा है

इंडिया में रीब्रांडिंग अब नई बात नहीं रही। इस केस में भी बात यही है कि जिस फोन को टेस्ट किया गया, उसके इंडिया में iQOO 15R के रूप में आने की उम्मीद बताई गई। ये “पूरी तरह पक्का” नहीं कहा गया, लेकिन कुछ बातें ऐसी हैं जो इस अनुमान को मजबूत करती हैं।

सबसे बड़ा इशारा प्रोसेसर है। Snapdragon 85 वही हिस्सा है जो इस फोन को हाई-एंड कैटेगरी में खड़ा करता है। दूसरा इशारा इसका लुक है, जो इंडिया में पहले टीज हुए डिज़ाइन से थोड़ा बहुत मिलता-जुलता बताया गया (पर इसे भी फाइनल नहीं कहा गया)।

तेजी से लॉन्च होने वाले iQOO मॉडल अक्सर एक बात पर टिके रहते हैं, गेमिंग पर फोकस। यही वजह है कि इस फोन का सबसे पहले BGMI टेस्ट और FPS स्टेबिलिटी देखना ज्यादा काम की बात बन जाती है।

Snapdragon 85 का असर, AnTuTu में कितनी ताकत दिखी

Snapdragon 85 को लेकर दावा है कि ये AnTuTu पर 2.8 से 3 मिलियन तक का स्कोर निकाल सकता है। टेस्ट यूनिट में स्कोर 3 मिलियन से थोड़ा कम रह गया, फिर भी कैटेगरी के हिसाब से इसे कमजोर नहीं कहा जा सकता। मतलब, कच्ची ताकत की कमी नहीं है।

गेमिंग में असल फर्क सिर्फ स्कोर से नहीं आता। FPS लॉक, थर्मल मैनेजमेंट, और गेम का ऑप्टिमाइजेशन भी उतना ही बड़ा रोल निभाता है। यही वजह है कि 60fps दिखना, एक तरफ “सीमा” है, तो दूसरी तरफ ये भी बताता है कि फोन उस लिमिट में कितना साफ खेलता है।

6.59-इंच 144Hz डिस्प्ले, नंबर बड़े हैं

फोन की डिस्प्ले 6.59-इंच की 144Hz पैनल बताई गई। गेमिंग में 144Hz का सीधा फायदा तभी मिलता है जब गेम और डिवाइस मिलकर हाई FPS आउटपुट दें, फिर भी स्मूद स्क्रॉलिंग, टच रिस्पॉन्स और ओवरऑल फील में फर्क आता है।

डिस्प्ले की ब्राइटनेस के दावे भी काफी बड़े हैं:

  • 2000 निट्स HBM
  • 5500 निट्स पीक ब्राइटनेस

रियल लाइफ में पीक ब्राइटनेस हर वक्त नहीं रहती, लेकिन धूप में विजिबिलिटी और आउटडोर यूज के लिए HBM जैसे आंकड़े ज्यादा काम आते हैं।

7600mAh बैटरी और 100W चार्जिंग, गेमिंग वालों के लिए सीधा फायदा

इस फोन की बैटरी 7600mAh बताई गई है और चार्जिंग 100W। गेमिंग फोन में बैटरी का मतलब सिर्फ “ज्यादा घंटे” नहीं होता, इसका असर थर्मल और स्टेबिलिटी पर भी दिखता है, क्योंकि बड़ी बैटरी के साथ पावर डिलीवरी और हीट का व्यवहार अलग हो सकता है।

इतनी बड़ी बैटरी के साथ भी टेस्ट में ये बात सामने आई कि फोन हाथ में जरूरत से ज्यादा भारी महसूस नहीं हुआ। ये उन लोगों के लिए अच्छा संकेत है जो लंबी गेमिंग सेशन में फोन का वजन भी महसूस करते हैं।

डिजाइन और इन-हैंड फील, कॉम्पैक्ट साइज वाली बात

टेस्ट में फोन का साइज कॉम्पैक्ट साइड पर बताया गया। जिन लोगों को छोटे या ज्यादा कंफर्टेबल ग्रिप वाले फोन पसंद हैं, उनके लिए ये पॉइंट ध्यान देने लायक है। बड़ी बैटरी होने के बाद भी फोन “बहुत भारी” नहीं लगा, ऐसा अनुभव शेयर किया गया।

लुक को लेकर इतना ही कहा गया कि इंडिया में जो डिज़ाइन कहीं टीज हुआ था, उससे थोड़ी समानता दिखती है, लेकिन इसे फाइनल मानकर चलने की जरूरत नहीं है।

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BGMI टेस्ट से पहले की स्थिति, बैटरी और टेंपरेचर का बेसलाइन

गेमिंग टेस्ट का असली मतलब तभी बनता है जब स्टार्टिंग कंडीशन साफ हों। टेस्ट शुरू करते वक्त बैटरी 46% थी। फ्रंट टेंपरेचर करीब 36°C के आसपास, और बैक करीब 34°C के आसपास बताया गया।

नीचे उसी बेसलाइन को एक नजर में रखा गया है:

मापरीडिंग (टेस्ट स्टार्ट)
बैटरी46%
फ्रंट टेंपरेचरलगभग 36°C
बैक टेंपरेचरलगभग 34°C
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यहां एक और बड़ी बात सामने आई, अभी के बिल्ड में BGMI सेटिंग्स में 60fps ही दिख रहा था। उम्मीद ये जताई गई कि इंडिया वेरिएंट में लॉन्च के वक्त 90fps मिल सकता है, और बाद में 120fps भी आ सकता है, या फिर शुरुआत से ही 120fps का ऑप्शन दे दिया जाए। फिलहाल ये चीज इंडिया वेरिएंट के हाथ में है।

परफॉर्मेंस को “मैक्स” करने वाली सेटिंग्स का इशारा

टेस्ट के दौरान “बेस्ट वाली” सेटिंग रखकर गेमिंग शुरू की गई। यहां कोई लंबी ट्रिक लिस्ट नहीं दी गई, लेकिन इशारा साफ था कि फोन की परफॉर्मेंस को सही सेटिंग्स के साथ और बेहतर तरीके से निकाला जा सकता है।

गेमिंग में आम तौर पर ये बातें सबसे ज्यादा असर डालती हैं, और टेस्ट का फोकस भी इसी दिशा में रहा:

  • स्टेबल FPS पर खेलना, सिर्फ हाई नंबर के पीछे नहीं भागना
  • सही ग्राफिक्स प्रीसेट चुनना ताकि हीट और ड्रॉप कम हों
  • लंबा सेशन खेलकर थर्मल का अंदाजा लगाना

BGMI गेमिंग टेस्ट, TDM से Erangel तक 60fps का अनुभव

60fps पर किसी भी फ्लैगशिप-लेवल चिप से उम्मीद यही होती है कि वो बिना हिचकिचाहट चलाए। इस टेस्ट में भी TDM पर अनुभव साफ रहा, स्मूद 60fps के साथ गेमिंग हुई और कोई बड़ी दिक्कत सामने नहीं आई। कंट्रोल, मूवमेंट, और फील के लेवल पर फोन ने आराम से साथ दिया।

कॉम्पैक्ट साइज और ठीक वजन की वजह से इन-हैंड कंट्रोल में भी फायदा दिख सकता है। BGMI जैसे गेम में जहां लगातार स्वाइप, जायरों, और फास्ट टर्न होते हैं, वहां पकड़ का कंफर्ट बहुत मायने रखता है।

FPS स्टेबिलिटी, क्या 60fps टिके रहे

टेस्ट के दौरान ये नोट किया गया कि 40 या 50fps जैसे बड़े ड्रॉप नजर नहीं आए। सामान्य तौर पर 58 से 60fps के आसपास उतार-चढ़ाव रहा, जो कि मोबाइल गेमिंग में आम बात है। 1-2fps का ऊपर-नीचे होना गेमप्ले को खराब नहीं करता, खासकर जब ड्रॉप लगातार और बड़े ना हों।

इस तरह की स्टेबिलिटी गेमिंग फोन चुनते वक्त बड़ी बात है, क्योंकि सिर्फ “मैक्स FPS” लिखे होने से असली मजा नहीं आता, मजा तब आता है जब फोन उसे टिकाकर रखे।

Erangel के मेन इवेंट में परफॉर्मेंस, फुटस्टेप्स और भीड़ का असर

टेस्ट में Erangel के मेन इवेंट का भी जिक्र आया, जहां फुटस्टेप्स ज्यादा थे और माहौल “हैवी” लग रहा था। ऐसे सीन में अक्सर फोन का थर्मल, CPU-GPU लोड, और स्टोरेज स्पीड सबका असर दिखता है।

यहां भी 60fps पर कोई बड़ी शिकायत नहीं आई। कोई प्रॉब्लम नहीं जैसी फीलिंग बताई गई, और गेमप्ले स्मूद रहा। मतलब, बेसिक 60fps गेमिंग के लिए फोन काफी भरोसेमंद तरीके से खड़ा दिखा।

बेंचमार्क और रॉ परफॉर्मेंस, नंबर क्या संकेत देते हैं

AnTuTu स्कोर 3 मिलियन से थोड़ा कम रहा, लेकिन ओवरऑल स्कोर “अच्छे” बताए गए। बेंचमार्क का मतलब ये नहीं कि गेमिंग वैसी ही होगी, लेकिन इससे इतना अंदाजा जरूर मिलता है कि चिप और सिस्टम में दम है।

Snapdragon 85 के साथ उम्मीद यही रहती है कि फोन 60fps के आगे भी जा सके। टेस्ट में भी यही राय सामने आई कि ये डिवाइस आराम से 90fps और कुछ केस में 100fps वाली गेमिंग करवा सकता है। कुछ सीन में 110 से 120 तक की संभावना भी बताई गई, लेकिन कंसिस्टेंट 120fps का फैसला इंडिया वेरिएंट के टेस्ट के बाद ही ठीक से होगा।

60fps से आगे की उम्मीद, 90 और 120fps वाली बात

फिलहाल की स्थिति में गेम 60fps तक सीमित था, इसलिए “कितना हाई जाता है” से ज्यादा “कितना स्टेबल रहता है” पर बात बनी। फिर भी अनुभव के आधार पर एक प्रैक्टिकल अनुमान रखा गया:

  • अभी के टेस्ट में 60fps उपलब्ध
  • इंडिया वर्जन में 90fps का ऑप्शन आने की उम्मीद
  • बाद में या शुरुआत में ही 120fps का ऑप्शन संभव

जब 90 या 120fps अनलॉक होते हैं, तब फोन की असली परीक्षा होती है। उसी वक्त हीटिंग, बैटरी ड्रेन, और लंबे सेशन की स्टेबिलिटी ज्यादा अहम हो जाती है।

BGMI टेस्टिंग इंडिया-स्पेसिफिक क्यों बन जाती है?

एक साफ वजह बताई गई, इंडिया के बाहर BGMI चलना अपने आप में लिमिटेशन बन जाता है। और जो “Game for Peace” जैसे विकल्प हैं, वो पहले से बहुत ऑप्टिमाइज माने जाते हैं। इसलिए उस पर टेस्ट करने का मतलब वही रिजल्ट नहीं देता जो BGMI पर मिलता है।

यही कारण है कि iQOO 15R gaming performance का पक्का अंदाजा, इंडिया यूनिट और इंडिया सर्वर वाले टेस्ट के बाद ही ज्यादा भरोसे से लगाया जा सकता है।

संभावित लॉन्च टाइमलाइन

लॉन्च को लेकर इतना कहा गया कि फोन 22-23 तारीख के आसपास कहीं लॉन्च हो सकता है, ऐसी जानकारी अभी तक आई है। यहां तारीख का जिक्र हुआ, महीने का नाम तय नहीं बताया गया।

जो लोग खरीदने का सोच रहे हैं, उनके लिए ये टाइमलाइन एक “वॉचलिस्ट” जैसा काम करती है, क्योंकि लॉन्च के साथ ही सॉफ्टवेयर अपडेट, FPS अनलॉक, और शुरुआती ऑफर्स की तस्वीर भी साफ होती है।

ग्लोबल बनाम इंडिया कीमत, और असल नंबर क्या हो सकते हैं?

टेस्ट यूनिट इंडिया के बाहर करीब 35,000 रुपये के आसपास लॉन्च हुई बताई गई। लेकिन साथ में ये भी साफ कहा गया कि इंडिया में वही कीमत सीधे-सीधे उम्मीद करना सही नहीं होगा। टैक्स, पोजिशनिंग और ब्रांड की प्राइस स्ट्रैटेजी के हिसाब से इंडिया में नंबर ऊपर जा सकता है।

यहीं पर एक दिलचस्प चीज आती है, बहुत से लोग “35k वाला दिमाग” लगाकर उम्मीद बांध लेते हैं, फिर लॉन्च पर निराश होते हैं। इस केस में शुरुआत से ही संकेत है कि इंडिया में ये फोन 35k पर आने वाला नहीं दिख रहा।

उम्मीद के मुताबिक प्राइस प्रेडिक्शन, 45 से 52k तक का दायरा

अनुमान के हिसाब से कीमत का रेंज 48,000 से 50,000 रुपये तक जा सकता है। ऑफर लगाकर 45,000 से 46,000 तक मिलने की बात भी कही गई। एक तरफ ये “मिड-प्रीमियम” रेंज है, दूसरी तरफ गेमिंग फोकस के हिसाब से यही वो जगह है जहां iQOO अक्सर फिट बैठता है।

रेंज को आसान भाषा में ऐसे समझा जा सकता है:

  1. ₹48,000 से ₹50,000 (संभावित स्टिकर प्राइस)
  2. ₹45,000 से ₹46,000 (ऑफर्स के बाद संभावित)
  3. कुछ हालात में ₹52,000 तक भी मानकर चलने की बात (अगर प्राइसिंग ऊपर चली गई)

यहां मकसद “सटीक नंबर” बोलना नहीं था, बल्कि ये बताना था कि फोन 35k की लाइन में फिट नहीं बैठ रहा।

OnePlus 15R से टक्कर, अंडर 50k में डील बनती है या नहीं

इस फोन को OnePlus 15R को हल्का-सा कंपटीशन देने वाला माना गया। अगर वाकई कीमत 50,000 के अंदर रहती है, तो इसे अंडर ₹50K में अच्छी डील कहा गया। क्योंकि इस रेंज में लोग सिर्फ गेमिंग नहीं देखते, डिस्प्ले, बैटरी, चार्जिंग और ओवरऑल अनुभव भी देखते हैं।

और अगर फोन का इंडिया वेरिएंट 90fps या 120fps को सही तरीके से हैंडल कर लेता है, तो गेमिंग वाले यूजर्स के लिए वैल्यू और बढ़ जाती है। लेकिन ये हिस्सा फाइनल टेस्ट के बाद ही पूरी तरह साफ होगा।

कीमत बढ़ने के पीछे क्या कारण बताए गए?

एक पॉइंट “चिप की कीमत” और मार्केट में प्राइसिंग बदलाव की तरफ इशारा करता है। साथ में ये भी कहा गया कि कई ब्रांड थोड़ा मोटा मुनाफा भी निकालने की कोशिश करते हैं। अंदर की पक्की बातें बाहर से पता नहीं चलतीं, इसलिए इसे अनुमान और मार्केट ट्रेंड के तौर पर ही लेना सही है।

30 मिनट गेमिंग के बाद बैटरी और थर्मल, मैनेजेबल या परेशान करने वाला

करीब आधा घंटा गेमिंग के बाद बैटरी ड्रॉप और टेंपरेचर को लेकर रिजल्ट शेयर किए गए। बैटरी कितनी प्रतिशत गिरी, इसका सटीक नंबर नहीं बताया गया, लेकिन ये कहा गया कि फोन हल्का-सा गर्म लगा।

60fps पर ये गर्माहट मैनेजेबल रही। यानी हाथ में पकड़ने में परेशानी या गेम बंद करने जैसी बात नहीं आई। असली सवाल 90fps और 120fps के साथ उठता है, क्योंकि हाई FPS पर हीट और पावर ड्रॉ अक्सर बढ़ता है। उसी को आगे इंडिया वेरिएंट आने पर चेक करने की बात रखी गई।

टेंपरेचर मैनेजमेंट को लेकर सीधी बात

फोन गर्म तो हुआ, लेकिन 60fps के हिसाब से ये नॉर्मल दायरे में बताया गया। गेमर्स के लिए अच्छी बात ये रही कि थर्मल की वजह से बड़ा FPS ड्रॉप नजर नहीं आया।

गेमप्ले फील, क्या लंबे मैच में भरोसा बना

टेस्ट के बाद यह बात साफ रखी गई कि पूरे गेमप्ले में 40 या 50fps जैसे ड्रॉप नोटिस नहीं हुए। 58 से 60fps के बीच का मामूली फर्क देखा गया, जो सामान्य है।

जो लोग BGMI में TDM भी खेलते हैं और क्लासिक भी, उनके लिए ये बात काम की है, क्योंकि दोनों मोड में लोड अलग होता है। TDM में एक्शन लगातार रहता है, क्लासिक में लंबे समय तक स्टेबिलिटी देखी जाती है। यहां 60fps पर फोन दोनों तरह के लोड में ठीक बैठता दिखा।

एक बड़ा डाउनसाइड, USB 2.0 वाली बात

इस फोन की एक कमी साफ बताई गई, इसमें USB 2.0 मिलता है। कुछ लोगों को ये छोटी बात लगेगी, लेकिन गेमिंग और हाई-एंड यूज में इसका असर पड़ सकता है, जैसे बड़े फाइल ट्रांसफर, रिकॉर्डिंग वर्कफ्लो, या पीसी के साथ तेज डेटा मूव करना।

बाकी किसी बड़ी दिक्कत का जिक्र नहीं आया, इसलिए कमियों में ये पॉइंट सबसे ऊपर रखा गया।

iQOO Z1 Turbo (संभावित iQOO 15R) की स्पेक्स झलक, एक टेबल में

iQOO Z1 Turbo (संभावित iQOO 15R) की स्पेक्स झलक, एक टेबल में
by IQOO

नीचे वही चीजें हैं जो टेस्ट और चर्चा में सामने आईं:

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फीचरडिटेल
प्रोसेसरSnapdragon 85
डिस्प्ले6.59-इंच, 144Hz
ब्राइटनेस2000 निट्स HBM, 5500 निट्स पीक
बैटरी7600mAh
चार्जिंग100W
टेस्ट में BGMI FPS60fps (अभी)
पोर्टUSB 2.0

iQOO 15 Ultra के लुक को लेकर भी बात आई कि उसकी अलग से डेडिकेटेड वीडियो आएगी। गेमिंग के अलावा जो “फोन कैसा चल रहा है” वाला रिव्यू है, वो Techy Pathshala चैनल पर मौजूद बताया गया।

खरीदारी को लेकर इतना कहा गया कि अगर कोई iQOO या दूसरा फोन लेने का प्लान करे, तो चैनल द्वारा टैग किए गए प्रोडक्ट्स से खरीदने पर सपोर्ट मिलता है, क्योंकि कई बार ऐसे फोन इंडिया में जल्दी नहीं मिलते और बाहर से अरेंज करने पड़ते हैं।

निष्कर्ष

इस टेस्ट के हिसाब से iQOO Z1 Turbo ने BGMI में 60fps पर साफ और स्टेबल परफॉर्मेंस दिखाई, और iQOO 15R gaming performance को लेकर शुरुआती संकेत पॉजिटिव रहे। हल्की गर्माहट थी, लेकिन 60fps में वो मैनेजेबल रही। असली फैसला तब ज्यादा मजबूत होगा जब इंडिया वेरिएंट में 90fps या 120fps ऑप्शन खुलेंगे और वही मैच लंबे सेशन में खेले जाएंगे। अगर कीमत 50,000 के अंदर रहती है, तो ये फोन गेमिंग वालों के लिए सच में ध्यान देने लायक बन सकता है।

डिस्क्लेमर्स: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है, जो बड़ी मीडिया चैनल और रिपोर्ट्स के अनुसार लिया गया है, यदि आपको और सटीक जानकारी चाहिए तो आप IQOO के आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते है | इस लेख में कोई भी त्रुटि दिखने पर हमे कॉमेंट कर सकते है |

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